एक्नेइंग्रीडिएंट गाइडनियासिनामाइड

ऑयली स्किन के लिए बेस्ट सीरम: पुरुषों के लिए एक गाइड

ऑयली स्किन को दस प्रोडक्ट्स नहीं चाहिए। उसे सही एक्टिव्स वाला एक सीरम चाहिए, सही तरीके से इस्तेमाल किया हुआ। इसे कैसे चुनें, रिसर्च क्या कहती है, और इसके आसपास का रूटीन - सब यहाँ है।

लेखक: Abhishek Jain 17 मिनट में पढ़ें
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जिम के चेंजिंग रूम में एक युवा भारतीय आदमी का चित्र, एक कंधे पर तौलिया, हाथ में अंबर रंग की छोटी ड्रॉपर बोतल, शीशे में अपने अक्स को देखकर मुस्कुराता हुआ

ऑयली स्किन के लिए बेस्ट सीरम वो है जो हल्का हो, पानी वाला हो, और नियासिनामाइड (Niacinamide) और सैलिसिलिक एसिड (Salicylic Acid) पर बना हो - ग्रीन टी या मैंडेलिक एसिड (Mandelic Acid) हो तो बोनस। ये एक्टिव्स तेल कम करते हैं, बंद पोर्स साफ़ करते हैं और पिंपल्स के छोड़े निशान हल्के करते हैं, और इन पर रिसर्च पक्की है। चेहरा धोने के बाद 3 से 5 बूँदें लगाएँ, दिन में एक या दो बार, ऊपर से हल्का मॉइस्चराइज़र, और इसे 8 हफ़्ते दें।

कोरमंगला के जिम में शाम के 7 बजे हैं। वर्कआउट हो गया, शॉवर हो गया, और अब चेंजिंग रूम का शीशा सच बोल रहा है। माथा चमक रहा है। नाक चमक रही है। जबड़े पर एक नया पिंपल, जो लंच के वक़्त नहीं था।

तो ऑटो तक जाते-जाते आप सर्च करते हैं "best serum for oily skin"। Google आपको 40 बोतलें, 12 ब्रांड, तीन "no. 1" वाले दावे और एक परफ़ेक्ट स्किन वाले आदमी का वीडियो पकड़ा देता है जो कह रहा है "trust me"। इनमें से कोई नहीं बताता कि आपको देखना क्या है।

ये बताएगा। इसमें चार बातें हैं। पुरुषों की स्किन ऑयली क्यों होती है। सीरम के किन इंग्रीडिएंट्स के पीछे असली सबूत है। THERŌ का कौन-सा सीरम किस प्रॉब्लम के लिए है। और उसके आसपास का रूटीन।

छोटा जवाब

  • नियासिनामाइड और सैलिसिलिक एसिड वाला सीरम चुनें। ग्रीन टी और मैंडेलिक एसिड अच्छे एक्स्ट्रा हैं।
  • गाढ़े, तेल वाले सीरम छोड़ दें, और ऐसी हर चीज़ भी जो 7 दिन में रिज़ल्ट का वादा करे।
  • फेस वॉश के बाद और मॉइस्चराइज़र से पहले लगाएँ, 3 से 5 बूँदें, दिन में एक या दो बार।
  • मॉइस्चराइज़र मत छोड़िए। ऑयली स्किन रूखी हो जाए तो और तेल बनाती है।
  • फ़ैसला करने से पहले इसे 8 हफ़्ते दें।

पुरुषों की स्किन इतनी ऑयली क्यों होती है?

पहले ये समझिए कि तेल है क्या। आपकी स्किन हर बाल के पास की छोटी ग्रंथियों से एक मोम जैसा तरल बनाती है, जिसे सीबम (sebum) कहते हैं। Journal of Clinical and Aesthetic Dermatology में छपा 2017 का एक रिव्यू इसकी वजह बताता है। ये ग्रंथियाँ स्किन की सुरक्षा परत बनाने और उसे बचाने में मदद करती हैं। तो तेल दुश्मन नहीं है। ज़रूरत से ज़्यादा तेल दुश्मन है।

हर ग्रंथि को एक नल समझिए। मेल हार्मोन्स उस नल को घुमाते हैं। वही रिव्यू नल पर रखे हाथ का नाम भी बताता है: एंड्रोजन्स, ख़ास तौर पर DHT नाम का एक हार्मोन। यही तेल की ग्रंथियों के बढ़ने और उनके तेल बनाने की मात्रा को चलाते हैं। पुरुष महिलाओं से ज़्यादा तेल बनाते हैं, और रिव्यू इसकी वजह ज़्यादा टेस्टोस्टेरोन को बताता है।

नल मौसम पर भी चलता है। रिव्यू में शामिल कई स्टडीज़ में पाया गया कि गर्मियों में और नमी वाले मौसम में तेल ज़्यादा बनता है। मई का मुंबई, साल के ज़्यादातर महीनों का चेन्नई, और मॉनसून का कोई भी शहर - सब चमक के लिए ही बने हैं। ऊपर से हेलमेट और दो घंटे का आना-जाना, तो शाम 7 बजे का शीशा कोई सरप्राइज़ नहीं है।

फिर उम्र की बात। प्यूबर्टी में तेल अचानक बढ़ता है, और पुरुषों में ये 60 या 70 की उम्र तक कम नहीं होता। 57 स्टडीज़ का 2018 का एक रिव्यू तीन बातें और जोड़ता है। पुरुषों की स्किन महिलाओं से 10 से 20% मोटी होती है। उसमें तेल ज़्यादा बनता है और पोर्स बड़े होते हैं। और पुरुषों में उम्र के साथ तेल बनना एक जैसा बना रहता है। 30 की उम्र में कोई ऑयली स्किन से बाहर नहीं निकल जाता। आप इसे संभालते हैं।

स्किन के तीन क्रॉस-सेक्शन का मेडिकल चित्र, अगल-बगल - एक साफ़ पोर, एक व्हाइटहेड और एक ब्लैकहेड, जिनमें तेल की ग्रंथि और हेयर फ़ॉलिकल दिख रहे हैं
तेल की ग्रंथि बाल की जड़ के पास होती है और पोर में खुलती है। बाईं तरफ़ तेल आराम से बाहर निकल रहा है। बीच वाले में और दाईं तरफ़ तेल और डेड स्किन ने रास्ता बंद कर दिया है - पिंपल यहीं से शुरू होता है। (Photo Credit: BruceBlaus, Wikimedia Commons, CC BY 3.0)

क्या ऑयली स्किन को सीरम की ज़रूरत है?

हर पुरुष को नहीं। हल्की चमक के लिए एक फेस वॉश और हल्का मॉइस्चराइज़र काफ़ी है। लेकिन अगर साथ में ओपन पोर्स, बार-बार पिंपल्स, या पुराने पिंपल्स के काले निशान भी हैं, तो आपको इससे ज़्यादा चाहिए। सीरम ही वो स्टेप है जो असली फ़र्क लाता है।

वजह ये है। फेस सीरम एक पतला लिक्विड है जिसमें एक या दो एक्टिव्स की ज़्यादा मात्रा होती है। ये फेस वॉश के बाद और मॉइस्चराइज़र से पहले लगता है। फेस वॉश आपकी स्किन पर 30 सेकंड रहता है। सीरम पूरा दिन या पूरी रात रहता है, तो उसके एक्टिव्स को काम करने का वक़्त मिलता है। नीचे बताई गई तेल कम करने वाली रिसर्च स्किन पर छोड़े जाने वाले प्रोडक्ट्स से हुई थी, धोकर हटाए जाने वाले प्रोडक्ट्स से नहीं।

तो क्या सीरम ऑयली स्किन के लिए अच्छे हैं? सही वाले, हाँ। पानी वाले, हल्के, बिना अलग से मिलाए तेल के। ग़लत वाले, नहीं। ऑयली स्किन पर गाढ़ा, तेल वाला सीरम गर्मी के दिन रेनकोट पहनने जैसा है।

ऑयली स्किन के लिए कौन-सा सीरम बेस्ट है? वो इंग्रीडिएंट्स जो काम करते हैं

ब्रांड के नाम और "no. 1" वाले बैज भूल जाइए। इंग्रीडिएंट्स की लिस्ट पढ़िए। ऑयली स्किन के लिए चार एक्टिव्स के पीछे असली सबूत है।

नियासिनामाइड (Niacinamide)। विटामिन B3 का एक रूप। एक प्लेसिबो-कंट्रोल्ड ट्रायल में 100 जापानी वॉलंटियर्स पर 2% नियासिनामाइड टेस्ट किया गया। 2 हफ़्ते के अंदर तेल बनना कम हुआ और 4 हफ़्ते पर भी कम ही रहा। 52 ताइवानी लोगों पर हुए 12 हफ़्ते के एक स्प्लिट-फ़ेस ट्रायल में 4% नियासिनामाइड ने 8वें हफ़्ते तक पोर्स की गिनती कम कर दी। ज़्यादातर सीरम में ये 5% से 10% होता है। THERŌ के Active Oil Control Niacinamide Serum में ये 5% है। Therōpedia पर पुरुषों के लिए पूरी नियासिनामाइड गाइड भी है।

सैलिसिलिक एसिड (Salicylic Acid)। एक BHA (बीटा हाइड्रॉक्सी एसिड) जो तेल में घुल जाता है। 2015 का एक रिव्यू बताता है कि ये पोर के अंदर जमा होकर रुकावट साफ़ करता है। इसीलिए ये इतने सारे एक्ने प्रोडक्ट्स में मिलता है। उसी रिव्यू में ये हर तरह की स्किन, Fitzpatrick I से VI तक, के लिए सेफ़ और आसानी से सहन होने वाला पाया गया। इसमें भारतीय स्किन भी आती है। American Academy of Dermatology (AAD) ऑयली स्किन के इंग्रीडिएंट्स की अपनी लिस्ट में इसे सबसे ऊपर रखती है।

मैंडेलिक एसिड (Mandelic Acid)। बादाम से मिलने वाला एक AHA (अल्फ़ा हाइड्रॉक्सी एसिड)। AHAs पर 2024 का एक रिव्यू बताता है कि इसका मॉलिक्यूल बड़ा होता है। ये स्किन में धीरे जाता है, इसलिए ग्लाइकोलिक एसिड से कम जलन करता है। 12 हफ़्ते के एक ट्रायल में हल्के से मध्यम एक्ने वाले 50 भारतीय मरीज़ों पर पील के रूप में इन दोनों एसिड की तुलना की गई। मैंडेलिक एसिड ने सैलिसिलिक एसिड जितना ही काम किया और साइड इफ़ेक्ट्स कम हुए। वो 45% और 30% वाले क्लिनिक-स्ट्रेंथ पील थे। सीरम में ये बहुत कम मात्रा में होता है, रोज़ के हल्के एक्सफ़ोलिएंट की तरह। सैलिसिलिक और मैंडेलिक एसिड, दोनों वाला सीरम दोनों काम कर देता है। एक पोर साफ़ करता है। दूसरा उसके आसपास की स्किन को स्मूद करता है।

ग्रीन टी। 25 से 40 साल के 10 पुरुषों पर 8 हफ़्ते की एक स्टडी में 3% ग्रीन टी एक्सट्रैक्ट ने गालों पर तेल बनना कम किया। लेखकों ने इसकी वजह EGCG को बताया - ग्रीन टी का एक कंपाउंड जो तेल की ग्रंथि में DHT बनाने वाले एंज़ाइम को रोकता है। दस पुरुष एक छोटी स्टडी है। लेकिन ये तेल कम करने पर हुई उन गिनी-चुनी स्टडीज़ में से भी है जो पुरुषों पर हुईं, और नतीजा सही दिशा में गया।

एक और चीज़ जिसके बारे में ऑयली स्किन वाले पुरुष पूछते हैं: हायलूरोनिक एसिड (Hyaluronic Acid)। ये तेल कम करने वाला एक्टिव नहीं है। ये पानी को खींचने वाला चुंबक है। Cleveland Clinic बताता है कि इसका एक चौथाई चम्मच लगभग साढ़े पाँच लीटर पानी पकड़ सकता है। इससे रिएक्शन बहुत कम होते हैं। ऑयली स्किन पर ये तेल बढ़ाए बिना पानी देता है। इसीलिए ये ऑयल-कंट्रोल सीरम में एक मददगार इंग्रीडिएंट (sodium hyaluronate) के रूप में मिलता है।

तेज़ धूप में पौधे पर लगी ताज़ा ग्रीन टी की पत्तियाँ
पौधे पर ग्रीन टी। पुरुषों पर हुई उस एक छोटी स्टडी में इन पत्तियों के 3% एक्सट्रैक्ट ने 8 हफ़्तों में गालों का तेल कम किया। इसे पीना नहीं गिना जाता। (Photo Credit: Wilerson S Andrade, Wikimedia Commons, CC BY-SA 2.0)

ऑयली स्किन वाले पुरुष कौन-सा सीरम चुनें?

ये इस पर निर्भर करता है कि आपको ज़्यादा परेशान क्या करता है।

तेल, पिंपल्स, पोर्स और उनके छोड़े निशान: ऑयली स्किन के लिए बना नियासिनामाइड सीरम। THERŌ का सीरम नियासिनामाइड, ग्रीन टी और सैलिसिलिक व मैंडेलिक जैसे एक्सफ़ोलिएटिंग एसिड से बना है। ये ज़्यादा तेल को कंट्रोल करने, पोर्स को छोटा दिखाने, और पिंपल्स के बाद के निशान कम दिखाने में मदद करता है। इसकी अपनी 60 दिन की कंज़्यूमर स्टडी में 99% यूज़र्स को लगा कि उनकी स्किन ज़्यादा साफ़ दिख रही है। और 100% ने माना कि इससे जलन महसूस नहीं हुई। ये यूज़र्स ने जो बताया वो है, लैब का नाप नहीं, और इसमें 60 दिन लगे।

ऑयली स्किन जिस पर टैनिंग, डलनेस या धूप के दाग़ भी हैं: विटामिन C सीरम चमक लाने का काम करता है। ऑयली स्किन वाली चिंता जितनी लगती है उतनी बड़ी नहीं है। THERŌ का Intense Bright सीरम 6 ब्राइटनिंग एक्टिव्स से बना है। ये डलनेस, टैनिंग, डार्क स्पॉट्स और पिंपल्स के बाद के निशानों पर काम करते हैं। इसकी 60 दिन की कंज़्यूमर स्टडी में 99% को ये चिपचिपा नहीं लगा। तय नहीं कर पा रहे? विटामिन C या नियासिनामाइड 5 मिनट में पढ़ लेंगे। ऑयली स्किन पर विटामिन C में चिपचिपेपन वाला सवाल पूरा समझाया गया है।

एक से शुरू कीजिए। पहले ही दिन दो सीरम - जलन ऐसे ही शुरू होती है।

ग्रीन टी की पत्तियों के बगल में अंबर रंग की ड्रॉपर बोतल में THERŌ Active Oil Control Niacinamide Serum, साथ में पुरुषों की स्किन के तीन क्लोज़-अप पैनल जिनमें ज़्यादा तेल, पिंपल्स के बाद के निशान और ओपन पोर्स दिख रहे हैं
बाईं तरफ़ की तीनों प्रॉब्लम्स की एक ही वजह है - तेल। दाईं तरफ़ वाले सीरम में 5% नियासिनामाइड के साथ सैलिसिलिक एसिड, मैंडेलिक एसिड और ग्रीन टी है, और 30 ml की बोतल दिन में 3 से 5 बूँदों के हिसाब से लगभग दो महीने चलती है। (Image: THERŌ)

ऑयली स्किन पर सीरम कैसे लगाएँ: रूटीन

चार स्टेप वाला रूटीन है - साफ़ करना, ट्रीट करना, मॉइस्चराइज़ करना, बचाना। ऑयली स्किन के लिए ये ऐसा दिखता है।

  1. साफ़ करें। सुबह और रात, गुनगुना पानी, उंगलियों से। AAD कहती है कि दिन में दो बार तक और पसीने के बाद चेहरा धोएँ। हल्का झाग वाला फेस वॉश लें, क्योंकि हार्श प्रोडक्ट्स स्किन को और तेल बनाने पर मजबूर करते हैं। Non-Drying वाला सैलिसिलिक एसिड फेस वॉश स्किन को रूखा किए बिना काम कर देता है। THERŌ का 3X Action Face Wash सैलिसिलिक एसिड को नियासिनामाइड और ग्लाइकोलिक एसिड के साथ मिलाता है।
  2. ट्रीट करें। अपने सीरम की 3 से 5 बूँदें हथेली पर लें और चेहरे और गर्दन पर दबाते हुए लगाएँ, जब तक स्किन उसे सोख न ले। पूरा चेहरा, सिर्फ़ चमकने वाली जगहें नहीं। एसिड पहली बार इस्तेमाल कर रहे हैं? पहले AAD वाला पैच टेस्ट करें: बाँह के अंदर की तरफ़ सिक्के जितनी जगह पर, दिन में दो बार, 7 से 10 दिन। लाल हो जाए, खुजली हो या सूजन आए तो बंद कर दें।
  3. मॉइस्चराइज़ करें। हाँ, अब भी। AAD बताती है कि जब स्किन रूखी होती है तो शरीर और तेल बनाता है, और वही तेल पोर्स बंद करता है। हल्का वाला चुनें। THERŌ का ऑयल-कंट्रोल मॉइस्चराइज़र हल्का है। ये ज़्यादा तेल को कंट्रोल करने और पोर्स खोलने में मदद करता है। इसका DustShield™ PM2.5 जैसे बहुत बारीक प्रदूषण के कणों के ख़िलाफ़ एक परत बनाने में मदद करता है। नवंबर में दिल्ली के आने-जाने में ये छोटी बात नहीं है।
  4. बचाएँ। हर सुबह, निकलने से पहले चेहरे पर सनस्क्रीन। US FDA ने पाया कि 4 हफ़्ते AHA इस्तेमाल करने से वॉलंटियर्स की धूप के प्रति सेंसिटिविटी 18% बढ़ गई। वो कहती है कि AHA इस्तेमाल करते वक़्त और उसके एक हफ़्ते बाद तक सनस्क्रीन लगाएँ। मैंडेलिक एसिड एक AHA है। तो इस सीरम के साथ सनस्क्रीन ऑप्शनल नहीं है। रात को ये स्टेप छोड़ दें।

सुबह और रात, तीन मिनट से कम। पूरे शेल्फ़ पर बस तीन बोतलें और एक सनस्क्रीन।

रात को सफ़ेद टी-शर्ट में बाथरूम के शीशे की तरफ़ झुका एक युवा भारतीय आदमी, एक हथेली गाल पर दबाए हुए, बेसिन पर अंबर रंग की ड्रॉपर बोतल - एक चित्र
सपाट हथेली, हल्का दबाव, चेहरा और गर्दन, हो गया। सीरम वाला स्टेप प्लेलिस्ट चुनने से भी कम वक़्त लेता है। (AI-generated image)

ऑयली स्किन वाले पुरुषों की आम गलतियाँ

दिन में पाँच बार चेहरा धोना। सही लगता है। है ग़लत। दिन भर चेहरा धोना AAD की उन आदतों की लिस्ट में है जो एक्ने बढ़ाती हैं। दिन में दो बार से ज़्यादा धोने से स्किन में जलन होती है। दो बार, और एक बार जिम या पसीने वाली राइड के बाद। दोपहर 3 बजे की चमक के लिए AAD ब्लॉटिंग पेपर को स्किन पर दबाने की सलाह देती है, एक और बार धोने की नहीं।

मॉइस्चराइज़र छोड़ देना। ऊपर बता चुके हैं, फिर भी दोहराने लायक है। रूखी स्किन और तेल बनाती है। जो पुरुष "मैट रहने" के लिए इसे छोड़ते हैं, वो लंच तक और ज़्यादा चमकने लगते हैं।

ब्रांड या "no. 1" वाले बैज देखकर सीरम ख़रीदना। कोई भी सीरम सबके लिए no. 1 नहीं होता। इंग्रीडिएंट्स पढ़िए। अगर लिस्ट में नियासिनामाइड और सैलिसिलिक एसिड नहीं हैं, तो वो ऑयली स्किन वाला सीरम नहीं है, डिब्बे पर चाहे जो लिखा हो।

पहले ही दिन कई एक्टिव्स एक साथ लगाना। एक ही हफ़्ते में सैलिसिलिक फेस वॉश, दो सीरम, एक स्क्रब और एक रेटिनॉल - लाल, पपड़ीदार स्किन पाने का अच्छा तरीका, जो फिर और तेल बनाती है। एक सीरम। अगली चीज़ तभी जोड़ें जब 4 हफ़्ते सब शांत रहे।

रगड़कर तेल हटाना। AAD साफ़ कहती है: रगड़ने से चेहरा ज़्यादा साफ़ नहीं होता, उसमें जलन होती है। उंगलियाँ और फेस वॉश। माँ की रसोई वाला बेसन रसोई में ही रहने दीजिए।

केमिस्ट की वो क्रीम जो "एक हफ़्ते में असर करती है"। भारत में बिना पर्चे मिलने वाली कुछ क्रीमों में स्टेरॉयड होता है। 2026 की एक स्टडी में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक सरकारी अस्पताल के 96 मरीज़ों को देखा गया। इनमें से 64.6% ने बिना पर्चे के चेहरे पर ऐसी क्रीम लगाई थी। और 25% ने इसे एक्ने के लिए लगाया था। इनमें से 87.5% में स्किन पतली हुई और 63.5% में एक्ने जैसे दाने निकले। एक हफ़्ते की स्मूद स्किन, फिर महीनों तक उसे ठीक करना।

सीरम से फ़र्क दिखने में कितना वक़्त लगता है?

हफ़्ते, दिन नहीं। जापानी ट्रायल में 2% नियासिनामाइड से 2 हफ़्ते के अंदर तेल बनना कम हुआ। ताइवानी ट्रायल में पोर्स की गिनती 8वें हफ़्ते में कम हुई। ग्रीन टी वाली स्टडी 8 हफ़्ते चली। किसी भी नए प्रोडक्ट के लिए AAD का नियम है कि फ़ैसला करने से पहले उसे 6 से 8 हफ़्ते दें।

तो: आज एक ही रोशनी में अपने माथे और नाक की फ़ोटो लीजिए। ऑयल-कंट्रोल रूटीन शुरू कीजिए। 8 हफ़्ते बाद उसी रोशनी में फिर देखिए। जिम वाले शीशे में नहीं। उसकी रोशनी मेंबरशिप बेचने के लिए लगी है, माथे को अच्छा दिखाने के लिए नहीं।

डर्मेटोलॉजिस्ट को कब दिखाना चाहिए?

एक और सर्च नहीं, डॉक्टर का अपॉइंटमेंट लीजिए, अगर:

  • पिंपल्स गहरे हैं, दर्द करते हैं, या गड्ढे या फैलते हुए काले निशान छोड़ रहे हैं।
  • तेलीयपन अचानक शुरू हुआ, या साथ में बाल झड़ना, वज़न में बदलाव या कोई और नया लक्षण है। DermNet बताता है कि बहुत ज़्यादा तेलीयपन कभी-कभी किसी अंदरूनी बीमारी की ओर इशारा कर सकता है।
  • रैश है, खुजली है, या छोटे दाने हैं जो आम पिंपल्स जैसे बर्ताव नहीं करते। नमी वाले मौसम में फ़ंगल इन्फ़ेक्शन एक्ने जैसा दिख सकता है, और उसका इलाज अलग होता है।
  • आप केमिस्ट से ली कोई स्टेरॉयड या "fairness" क्रीम चेहरे पर लगा रहे हैं।
  • आपको पर्चे वाला रेटिनॉइड या क्लिनिक पील चाहिए। DermNet बहुत ज़्यादा तेलीयपन के लिए टॉपिकल रेटिनॉइड्स बताता है, और इनके लिए डॉक्टर ज़रूरी है।
  • सही रूटीन के 8 से 12 हफ़्ते बाद भी कुछ नहीं बदला।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या ऑयली चेहरे का मतलब है ज़्यादा टेस्टोस्टेरोन?

अकेले इससे नहीं। टेस्टोस्टेरोन की वजह से पुरुष महिलाओं से ज़्यादा तेल बनाते हैं, इसलिए पुरुषों में ऑयली स्किन नॉर्मल है। 2017 का रिव्यू बताता है कि तेल की ग्रंथि अपने ख़ुद के एंज़ाइम से टेस्टोस्टेरोन को DHT में बदलती है। तो आप कितने ऑयली हैं, ये इस पर निर्भर करता है कि आपकी ग्रंथियाँ कैसे रिएक्ट करती हैं, सिर्फ़ ख़ून में हार्मोन के लेवल पर नहीं। एक जैसे टेस्टोस्टेरोन वाले दो पुरुषों के माथे अलग-अलग हो सकते हैं। अगर तेलीयपन अचानक दूसरे लक्षणों के साथ आया है, तो डॉक्टर को दिखाइए।

क्या ऑयली स्किन पर उम्र धीरे दिखती है?

थोड़ा, माथे पर। 2015 की एक स्टडी में 58 जापानी शवों की स्किन देखी गई। जहाँ तेल की ग्रंथियाँ ज़्यादा घनी थीं, वहाँ माथे की झुर्रियाँ कम गहरी थीं। आँख के बाहरी कोने पर, जहाँ तेल की ग्रंथियाँ कम होती हैं, ऐसा कोई संबंध नहीं मिला। तो तेल माथे की मदद करता है और आँखों के कोने की झुर्रियों (crow's feet) के लिए कुछ नहीं करता। ऑयली स्किन पर भी बाकी स्किन की तरह टैनिंग, दाग़ और धूप का नुकसान होता है, इसलिए सनस्क्रीन ज़रूरी रहता है।

क्या ऑयली स्किन पर हायलूरोनिक एसिड लगा सकते हैं?

हाँ। हायलूरोनिक एसिड पानी पकड़ता है, तेल नहीं, और Cleveland Clinic बताता है कि इससे रिएक्शन बहुत कम होते हैं। ऑयली स्किन पर ये किसी हल्के सीरम या मॉइस्चराइज़र के अंदर मददगार इंग्रीडिएंट के रूप में काम का है। लेकिन अकेला हायलूरोनिक एसिड सीरम तेल कम नहीं करेगा। उसके लिए आपको नियासिनामाइड या सैलिसिलिक एसिड चाहिए।

ऑयली स्किन और ओपन पोर्स के लिए बेस्ट सीरम कौन-सा है?

नियासिनामाइड और सैलिसिलिक एसिड वाला। ताइवानी ट्रायल में 4% नियासिनामाइड ने 8 हफ़्तों में पोर्स की गिनती कम की। सैलिसिलिक एसिड वो तेल साफ़ करता है जो पोर को खींचकर बड़ा करता है। THERŌ के Active Oil Control सीरम में दोनों हैं और इसे पोर्स को छोटा दिखाने के लिए बनाया गया है। अगर पोर्स ही सबसे बड़ी चिंता हैं, तो पुरुषों के ओपन पोर्स पर पूरी गाइड है।

ऑयली स्किन के लिए कौन-सा सीरम बेस्ट है, डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह से?

किसी भी डर्मेटोलॉजिस्ट से पूछिए, जवाब इंग्रीडिएंट्स होगा, ब्रांड नहीं। AAD की अपनी ऑयली स्किन वाली सलाह में सैलिसिलिक एसिड, ग्लाइकोलिक एसिड और लैक्टिक एसिड के नाम हैं। वो कहती है कि लेबल पर oil-free और non-comedogenic देखें। नियासिनामाइड के पीछे ऊपर बताए ट्रायल हैं। असल में "dermatologist recommended" का मतलब यही है। एक डर्मेटोलॉजिस्ट-टेस्टेड सीरम जिसमें ये एक्टिव्स हों और जो हल्का लगे।

ऑयली स्किन के लिए बेस्ट सीरम: पुरुष आज रात क्या कर सकते हैं

आपकी तेल की ग्रंथियाँ हार्मोन्स और मौसम पर चलती हैं, और इनमें से कोई भी आपकी राय नहीं सुन रहा। आपके हाथ में बस ये है कि दिन के जिन 23 घंटों में आप चेहरा नहीं धो रहे, उनमें आपकी स्किन पर क्या लगा है।

आज रात सैलिसिलिक एसिड फेस वॉश से चेहरा धोइए। नियासिनामाइड सीरम की 3 से 5 बूँदें दबाकर लगाइए। आख़िर में हल्का ऑयल-कंट्रोल मॉइस्चराइज़र। कल सुबह भी यही, साथ में सनस्क्रीन। इसे 8 हफ़्ते दीजिए। अगर आप उन दो बोतलों से शुरू करना चाहते हैं जो ज़्यादातर पुरुष सबसे पहले ख़रीदते हैं, तो बेस्टसेलर्स देखिए।

जिम का शीशा तब भी बेरहम रहेगा। बस आपके पास उसे दिखाने के लिए चमक कम होगी।

संदर्भ

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  12. Moisturizer: Why you may need it if you have acne, American Academy of Dermatology
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  14. 10 skin care habits that can worsen acne, American Academy of Dermatology
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