डार्क स्पॉट्सइंग्रीडिएंट गाइडनियासिनामाइड

विटामिन C या नियासिनामाइड: पुरुष कौन सा सीरम पहले शुरू करें?

विटामिन C और नियासिनामाइड अलग-अलग प्रॉब्लम पर काम करते हैं। यहाँ जानिए अपनी स्किन के लिए सही सीरम कैसे चुनें, और क्यों आपको सिर्फ़ एक ही चुनना ज़रूरी नहीं है।

लेखक: Abhishek Jain 15 मिनट में पढ़ें
शेयर करें
एक युवा भारतीय आदमी का इलस्ट्रेशन, शाम के वक़्त अपार्टमेंट की बालकनी में, दोनों हथेलियों में एक-एक छोटी सीरम की बोतल लिए उन्हें देखता हुआ

वो सीरम शुरू कीजिए जो आपकी सबसे बड़ी प्रॉब्लम से मैच करे। ऑयली स्किन, पिंपल, खुले पोर्स और पिंपल के निशान हैं तो नियासिनामाइड। धूप से आया टैन, बेजान स्किन और डार्क स्पॉट्स हैं तो विटामिन C। और आप दोनों भी लगा सकते हैं।

ऑफ़िस के वॉशरूम में शाम के 4 बजे हैं। शीशे में माथा इतना चमक रहा है कि सिल्क बोर्ड पर ट्रैफ़िक संभाल ले। नाक के पास एक नया पिंपल है, और वहाँ एक काला निशान है जहाँ पिछले महीने वाला पिंपल था।

तो आप ऐप खोलते हैं। कार्ट में दो सीरम पड़े हैं। एक पर लिखा है विटामिन C। दूसरे पर नियासिनामाइड। दोनों को साढ़े चार स्टार मिले हैं। कज़िन की शादी तीन हफ़्ते में है।

छोटा जवाब ये रहा।

  • नियासिनामाइड ऑयल, चमक, खुले पोर्स और पिंपल के छोड़े निशानों में मदद करता है।
  • विटामिन C टैन, बेजान स्किन और धूप से बने डार्क स्पॉट्स में मदद करता है।
  • अपनी सबसे बड़ी प्रॉब्लम के लिए एक सीरम चुनिए। फ़ैसला करने से पहले उसे एक महीना रोज़ लगाइए।
  • ये दोनों एक-दूसरे का असर ख़त्म नहीं करते। आप दोनों लगा सकते हैं।

अब डिटेल, और सबूत।

विटामिन C और नियासिनामाइड में क्या फ़र्क है?

अपनी स्किन के रंग को एक डिलीवरी बिज़नेस समझिए। मेलानोसाइट्स नाम की सेल्स फ़ैक्ट्री हैं। ये मेलानिन बनाती हैं, वो पिगमेंट जिससे टैन और डार्क स्पॉट्स बनते हैं। फिर ये उसे आस-पास की स्किन सेल्स को सौंप देती हैं। विटामिन C और नियासिनामाइड इस बिज़नेस के अलग-अलग सिरों पर काम करते हैं।

विटामिन C फ़ैक्ट्री को धीमा करता है। Indian Dermatology Online Journal के एक रिव्यू में बताया गया है कैसे। ये टायरोसिनेज़ को रोकता है, वो एंज़ाइम जो मेलानिन बनाता है। यही रिव्यू विटामिन C को इंसानी स्किन का सबसे ज़्यादा पाया जाने वाला एंटीऑक्सिडेंट कहता है। एंटीऑक्सिडेंट उन अस्थिर मॉलिक्यूल्स को साफ़ करता है जो धूप और प्रदूषण बनाते हैं। एक दूसरा रिव्यू इस नुक़सान की वजहें धूप, प्रदूषण और स्मोकिंग बताता है।

नियासिनामाइड, जो विटामिन B3 का एक रूप है, डिलीवरी को धीमा करता है। British Journal of Dermatology के एक ट्रायल में पाया गया कि इसका टायरोसिनेज़ पर कोई असर नहीं था। बल्कि लैब में इसने स्किन सेल्स तक पिगमेंट पहुँचने को 35% से 68% तक घटा दिया। जापानी महिलाओं में 5% नियासिनामाइड ने 4 हफ़्ते में डार्क पैच कम किए।

नियासिनामाइड का एक दूसरा काम भी है, और ये पुरुषों के लिए मायने रखता है। पुरुष और महिला स्किन पर एक रिव्यू में पाया गया कि पुरुषों की स्किन ज़्यादा सीबम बनाती है, यानी वो ऑयल जो आपकी स्किन ख़ुद बनाती है। ये मोटी भी होती है। नियासिनामाइड ऑयल का नल धीमा कर देता है। 100 जापानी वॉलंटियर्स पर एक ट्रायल में 2% नियासिनामाइड ने ऑयल बनना कम किया। ये फ़र्क 2 हफ़्ते में दिखा। इसीलिए THERŌ ने अपनी ऑयल कंट्रोल रेंज इस पर बनाई, और अपनी ब्राइटनिंग रेंज विटामिन C पर।

मेलानोसाइट का डायग्राम, यानी स्किन की शाखाओं वाली पिगमेंट सेल, जिसकी बाँहों से मेलानिन के दाने बाहर जा रहे हैं, साथ में मेलानिन के प्रकारों का पाई चार्ट
पिगमेंट की फ़ैक्ट्री। नीली सेल मेलानोसाइट है, और छोटे भूरे बिंदु मेलानिन के पैकेट हैं जो इसकी बाँहों के रास्ते आस-पास की स्किन सेल्स तक जा रहे हैं। विटामिन C फ़ैक्ट्री को धीमा करता है। नियासिनामाइड डिलीवरी को। (फ़ोटो क्रेडिट: Ewelina Mazur, Dominika Kwiatkowska and Adam Reich, Wikimedia Commons, CC BY 4.0)

क्या ऑयली स्किन और पिंपल वाले पुरुषों के लिए नियासिनामाइड अच्छा है?

हाँ, और इसके सबूत पक्के हैं। 2024 के एक रिव्यू में पाया गया कि कई क्लिनिकल स्टडीज़ में 2% से 5% नियासिनामाइड ने सीबम कम किया। वॉलंटियर्स एशियाई और कॉकेशियन थे। IJDVL के एक भारतीय रिव्यू में एक्ने वाले 160 लोगों के ट्रायल का ज़िक्र है। 4% नियासिनामाइड वाले ग्रुप में ऑयलीनेस स्कोर एंटीबायोटिक वाले ग्रुप से ज़्यादा घटा।

पोर्स भी छोटे दिखने लगते हैं। 2021 का एक रिव्यू एक स्प्लिट-फ़ेस ट्रायल बताता है, जिसमें 4% नियासिनामाइड ने 8 हफ़्ते में पोर्स कम किए।

पिंपल पर भी असर होता है। 76 लोगों के एक ट्रायल में 4% नियासिनामाइड जेल ने 8 हफ़्ते में 1% क्लिंडामाइसिन एंटीबायोटिक जेल की बराबरी की। सुधार नियासिनामाइड से 82% और एंटीबायोटिक से 68% था। 80 लोगों के एक बाद के ट्रायल में पाया गया कि नियासिनामाइड ऑयली स्किन पर बेहतर काम करता है। और ज़्यादातर महीनों में ज़्यादातर भारतीय पुरुषों की स्किन यही है।

फिर आते हैं निशान। British Journal of Dermatology वाले ट्रायल में डार्क पैच 4 हफ़्ते में फीके पड़े। 50 महिलाओं ने 5% नियासिनामाइड 12 हफ़्ते तक दिन में दो बार लगाया, और उनके डार्क स्पॉट्स और धब्बे कम हुए।

THERŌ के नियासिनामाइड सीरम में 5% नियासिनामाइड है। सैलिसिलिक एसिड, मैंडेलिक एसिड और ग्रीन टी इसका साथ देते हैं। ये ज़्यादा ऑयल कंट्रोल करने, पोर्स को छोटा दिखाने, और पिंपल के बाद के निशानों का दिखना कम करने में मदद करता है। अगर पिंपल ही असली प्रॉब्लम है, तो एक्ने कंट्रोल कलेक्शन में पूरा सेट एक जगह है।

एम्बर ड्रॉपर बोतल में THERŌ Active Oil Control Niacinamide Serum, ग्रीन टी की पत्तियों और पानी की छींटों के साथ
THERŌ के ऑयल कंट्रोल सीरम में 5% नियासिनामाइड है, उसी स्ट्रेंथ रेंज में जो ऊपर के ट्रायल्स में इस्तेमाल हुई। ग्रीन टी लेबल पर है, कप में नहीं। (इमेज: THERŌ)

क्या टैन और डार्क स्पॉट्स वाले पुरुषों के लिए विटामिन C अच्छा है?

हाँ। 2023 के एक सिस्टमैटिक रिव्यू ने 139 वॉलंटियर्स वाले सात ट्रायल्स को एक साथ देखा। इसमें पाया गया कि लंबे इस्तेमाल से विटामिन C पिगमेंट कम करता है और असमान स्किन को बेहतर करता है। एक मेक्सिकन ट्रायल में 16 हफ़्ते तक 5% विटामिन C क्रीम की टक्कर हाइड्रोक्विनोन से हुई। हाइड्रोक्विनोन पिगमेंट की एक प्रिस्क्रिप्शन दवा है। मशीनों ने रंग में कोई फ़र्क नहीं नापा। साइड इफ़ेक्ट विटामिन C में 6% और हाइड्रोक्विनोन में 69% थे।

स्ट्रेंथ मायने रखती है। वही रिव्यू जिसने नुक़सान की वजहें बताईं, काम की रेंज 8% से ऊपर और 20% तक बताता है। 20% से ऊपर जाने पर इरिटेशन बढ़ता है, रिज़ल्ट नहीं।

विटामिन C आपके सनस्क्रीन की भी मदद करता है। भारतीय रिव्यू बताता है कि सनस्क्रीन UV से बने फ़्री रेडिकल्स में से सिर्फ़ 55% रोकता है। स्किन में मौजूद विटामिन C बाक़ी का कुछ हिस्सा पकड़ लेता है। मई की दोपहर में टू-व्हीलर पर ये काम की चीज़ है।

THERŌ के विटामिन C सीरम में 10% स्टेबलाइज़्ड विटामिन C है। कोजिक एसिड और अल्फ़ा आर्बुटिन, दो और पिगमेंट ब्लॉकर, साथ चलते हैं। 4 हफ़्ते में दिखने में ज़्यादा ब्राइट स्किन। ये सन डैमेज कलेक्शन में इसी रेंज के फ़ेस वॉश और मॉइस्चराइज़र के साथ है। पूरी तस्वीर के लिए पढ़िए विटामिन C सीरम पुरुषों के लिए क्या करता है।

गहरे एम्बर रंग की ड्रॉपर बोतल में THERŌ Intense Bright Vitamin C Serum
THERŌ का विटामिन C सीरम 10% स्टेबलाइज़्ड विटामिन C को कोजिक एसिड और अल्फ़ा आर्बुटिन के साथ जोड़ता है। गहरे रंग की बोतल रोशनी को बाहर रखती है, क्योंकि रोशनी ही विटामिन C को पीला करती है। (इमेज: THERŌ)

क्या विटामिन C और नियासिनामाइड साथ में लगा सकते हैं?

हाँ। ये बात कि दोनों एक-दूसरे का असर ख़त्म कर देते हैं, एक मिथ है। स्किन ऑफ़ कलर पर एक रिव्यू बताता है कि नियासिनामाइड रोशनी, नमी, एसिड और एल्कली में स्थिर रहता है। भारतीय रिव्यू कहता है कि विटामिन C सनस्क्रीन, एंटीऑक्सिडेंट्स और ग्लाइकोलिक एसिड के साथ सेफ़ है। 2021 का नियासिनामाइड रिव्यू ऐसे ट्रायल फ़ॉर्मूले गिनाता है जिनमें दोनों साथ हैं। 8 हफ़्ते के एक स्प्लिट-फ़ेस ट्रायल में एक कंबाइंड फ़ॉर्मूले ने मेलानिन रीडिंग कम की।

सबसे आसान सबूत बोतल में ही है। THERŌ के विटामिन C सीरम में पहले से नियासिनामाइड है। विटामिन C टैन पर काम करता है, और साथ में ये ऑयल को काबू में रखता है। तो टैन और ऑयली टी-ज़ोन वाले आदमी को पहले दिन दो बोतलों की ज़रूरत नहीं।

अगर आपके पास दोनों सीरम हैं, तो उन्हें एक के ऊपर एक मत लगाइए। Cleveland Clinic के एक डर्मेटोलॉजिस्ट एक बार में एक सीरम की सलाह देते हैं। विटामिन C सुबह लगाइए, क्योंकि ये आपके सनस्क्रीन का साथ देता है। नियासिनामाइड रात को लगाइए। स्किन को दोनों मिल जाते हैं, और बाथरूम की शेल्फ़ भी शांत रहती है।

पुरुष सीरम कैसे लगाएँ? एक आसान रूटीन

सीरम THERŌ के चार स्टेप्स में से दूसरा स्टेप है: क्लेंज़, ट्रीट, मॉइस्चराइज़, प्रोटेक्ट। सुबह और रात ऐसा दिखता है।

  1. क्लेंज़। फ़ेस वॉश और गुनगुने पानी से चेहरा धोइए। ऑयली स्किन के लिए नियासिनामाइड फ़ेस वॉश। बेजान, टैन वाली स्किन के लिए विटामिन C फ़ेस वॉश।
  2. ट्रीट। साफ़ चेहरे और गर्दन पर अपने सीरम की 3 से 5 बूँदें लगाइए। एब्ज़ॉर्ब होने तक थपथपाइए। THERŌ के दोनों सीरम इतनी ही मात्रा में लगते हैं।
  3. मॉइस्चराइज़। ऑयली स्किन के लिए हल्का मॉइस्चराइज़र या विटामिन C मॉइस्चराइज़र। दोनों में DustShield™ है, एक लेयर जो बारीक धूल को आसानी से चिपकने नहीं देती। नवंबर में दिल्ली के सफ़र में काम आता है।
  4. प्रोटेक्ट। हर सुबह सनस्क्रीन, आख़िरी स्टेप के तौर पर। धूप में डार्क स्पॉट्स और गहरे होते हैं, तो ये स्टेप छोड़ा तो सीरम बेकार।

एक्टिव्स के लिए नए हैं? AAD का पैच टेस्ट कीजिए: बाँह के अंदर की तरफ़ थोड़ा सा, दिन में दो बार, 7 से 10 दिन। Harvard Health जोड़ता है कि विटामिन C से हल्की झनझनाहट नॉर्मल है, और आप एक दिन छोड़कर शुरू कर सकते हैं।

जिम के चेंजिंग रूम में एक भारतीय आदमी का इलस्ट्रेशन, जो दो उँगलियों से गाल पर साफ़ सीरम थपथपा रहा है, पीछे लॉकर और तौलिया
तीन से पाँच बूँदें, फ़ेस वॉश के बाद थपथपाकर। जिम के बाद का वक़्त भी ठीक है, बस बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन लग जाए। (AI से बनाई गई इमेज)

विटामिन C और नियासिनामाइड के मिथ जो पुरुषों का पैसा बर्बाद करते हैं

"रात को विटामिन C ख़तरनाक है।" नहीं। Cleveland Clinic के एक डर्मेटोलॉजिस्ट कहते हैं कि रात भर लगा रहना सेफ़ है। सुबह बेहतर इसलिए है क्योंकि ये सनस्क्रीन का साथ देता है। भारतीय रिव्यू तो इसे धूप में जाने के बाद लगाने की बात करता है, पहले नहीं।

"ज़्यादा एक्टिव्स मतलब जल्दी रिज़ल्ट।" 2017 के रिव्यू में पाया गया कि 20% से ज़्यादा विटामिन C इरिटेशन बढ़ाता है, फ़ायदा नहीं। पहले दिन दो सीरम, यही वो रास्ता है जिससे लाल चेहरा और आधी इस्तेमाल हुई बोतलों से भरी दराज़ मिलती है। एक सीरम, एक महीना।

"नियासिनामाइड रंग बदलने वाली क्रीम है।" लोग सर्च करते हैं कि रंग बदलने के लिए नियासिनामाइड बेहतर है या विटामिन C। इनमें से कोई भी आपका नैचुरल रंग नहीं बदलता। ये टैन, डार्क स्पॉट्स और असमान टोन का दिखना कम करते हैं, ताकि आपकी स्किन फिर से आपकी स्किन जैसी दिखे। बस इतना ही वादा है।

"केमिस्ट वाली क्रीम जल्दी असर करती है।" अक्सर वो क्रीम स्टेरॉयड होती है। 12 भारतीय सेंटर्स पर 2,926 मरीज़ों पर IJDVL की एक स्टडी में पाया गया कि 15% लोग चेहरे पर स्टेरॉयड क्रीम लगा रहे थे। ज़्यादातर को किसी दोस्त या केमिस्ट ने बताया था, और 29% इसे फ़ेयरनेस क्रीम या आम क्रीम की तरह इस्तेमाल कर रहे थे। स्टेरॉयड के लिए प्रिस्क्रिप्शन की ज़रूरत यूँ ही नहीं होती।

"सनस्क्रीन तो बीच के लिए है।" मुंबई के एक सर्वे में पाया गया कि 61% लोगों ने सनस्क्रीन के बारे में सुना ही नहीं था। जबकि DermNet कहता है कि धूप काले निशानों को और गहरा करती है। AAD कहता है कि डार्क स्पॉट्स का इलाज सनस्क्रीन से शुरू होता है। दोनों सीरम इसके नीचे बेहतर काम करते हैं। बाक़ी रूटीन के लिए सन डैमेज के लिए बने प्रोडक्ट्स देखिए।

विटामिन C और नियासिनामाइड असर दिखाने में कितना वक़्त लेते हैं?

किसी भी सीरम को परखने से पहले एक महीना दीजिए। ट्रायल्स में क्या दिखा, और कब, ये रहा।

  • कम ऑयल: 2% नियासिनामाइड, 2 हफ़्ते, 100 जापानी वॉलंटियर्स।
  • फीके पड़े डार्क पैच: 5% नियासिनामाइड, 4 हफ़्ते, 18 जापानी महिलाएँ।
  • छोटे दिखते पोर्स: 4% नियासिनामाइड, 8 हफ़्ते, 2021 के रिव्यू में बताया गया एक स्प्लिट-फ़ेस ट्रायल।
  • कम डार्क स्पॉट्स: 5% नियासिनामाइड, 12 हफ़्ते, 50 कॉकेशियन महिलाएँ।
  • एक जैसा टोन, कम पिगमेंट: विटामिन C, लंबा इस्तेमाल, 7 ट्रायल्स में 139 वॉलंटियर्स।
  • दिखने में ज़्यादा ब्राइट स्किन: THERŌ का 10% विटामिन C सीरम, लगभग 4 हफ़्ते, प्रोडक्ट पेज।

डार्क स्पॉट्स धीरे जाते हैं। AAD कहता है कि आपकी स्किन से कुछ शेड गहरा स्पॉट 6 से 12 महीने में फीका पड़ता है। स्किन ऑफ़ कलर रिव्यू कहता है कि बिना इलाज के निशान महीनों से सालों तक रह सकते हैं। तो एक महीने का सीरम दो साल पुराना निशान नहीं मिटाएगा। हाँ, अगला निशान जल्दी फीका पड़ेगा, अगर सनस्क्रीन लगा है। Harvard Health के मुताबिक़ विटामिन C का दिखने वाला फ़र्क आने में तीन महीने तक लग सकते हैं। जब आप तैयार हों, सीरम कलेक्शन में दोनों ऑप्शन हैं।

डर्मेटोलॉजिस्ट को कब दिखाएँ?

सीरम एक कॉस्मेटिक है, और कुछ स्किन प्रॉब्लम्स के लिए डॉक्टर चाहिए। डर्मेटोलॉजिस्ट को दिखाइए अगर:

  • आपके पिंपल गहरे हैं, दर्द देते हैं या गड्ढे छोड़ रहे हैं। ये एक मेडिकल कंडीशन है, ऑयल की प्रॉब्लम नहीं।
  • डार्क पैच अचानक आए, फैल रहे हैं, या गालों पर तितली के आकार में हैं। ये मेलास्मा हो सकता है, जिसकी जाँच ज़रूरी है।
  • किसी प्रोडक्ट से जलन, सूजन, रैश या छिलना हो जो एक दिन में ठीक न हो।
  • सनस्क्रीन के साथ 8 से 12 हफ़्ते रोज़ इस्तेमाल के बाद भी कुछ नहीं बदला।
  • आप केमिस्ट से ली कोई क्रीम लगा रहे हैं जिससे स्किन पतली, लाल या जल्दी नीली पड़ने वाली हो गई है। बंद कीजिए और चेक करवाइए।

चेहरे के लिए कभी भी बिना पर्ची स्टेरॉयड या "फ़ेयरनेस" क्रीम मत ख़रीदिए। ऊपर के IJDVL आँकड़े बताते हैं कि ये आदत भारतीय स्किन के साथ क्या करती है।

पुरुषों के लिए विटामिन C बनाम नियासिनामाइड: आम सवाल

पहले विटामिन C लगाएँ या नियासिनामाइड?

एक ही चेहरे पर एक ही वक़्त में दो सीरम की लेयर मत लगाइए। Cleveland Clinic के एक डर्मेटोलॉजिस्ट एक बार में एक सीरम की सलाह देते हैं। अगर दोनों हैं, तो विटामिन C सुबह सनस्क्रीन के नीचे और नियासिनामाइड रात को। अगर दोनों एक ही स्टेप में चाहिए, तो THERŌ के विटामिन C सीरम में पहले से नियासिनामाइड है।

क्या पुरुष नियासिनामाइड सीरम लगा सकते हैं?

हाँ। नियासिनामाइड के सबसे मज़बूत सबूत ऑयल के लिए हैं, और पुरुष और महिला स्किन पर एक रिव्यू के मुताबिक़ पुरुषों की स्किन महिलाओं से ज़्यादा ऑयल बनाती है। ऑयल कंट्रोल रेंज ठीक इसी वजह से इसके इर्द-गिर्द बनी है।

रात को विटामिन C से क्यों बचें?

बचने की ज़रूरत नहीं। Cleveland Clinic रात को लगाना सेफ़ बताता है। सुबह का वक़्त ज़्यादा समझदारी का है क्योंकि विटामिन C सनस्क्रीन को मज़बूती देता है। अगर आपकी सुबह 8.12 की लोकल पकड़ने की दौड़ है, तो इसे रात को लगाइए, छोड़िए मत।

पिंपल के निशानों के लिए कौन बेहतर है, विटामिन C या नियासिनामाइड?

डार्क निशानों के लिए दोनों के पास ट्रायल के सबूत हैं। नियासिनामाइड का डेटा जल्दी वाला है, जापानी महिलाओं में 4 हफ़्ते में बदलाव के साथ। अगर निशान पिंपल से आए हैं और स्किन ऑयली है, तो नियासिनामाइड से शुरू कीजिए। अगर निशान धूप से आए हैं और स्किन बेजान है, तो विटामिन C से। रिज़ल्ट बनाए रखने के लिए दोनों को रोज़ सनस्क्रीन चाहिए।

नियासिनामाइड को किसके साथ कभी नहीं मिलाना चाहिए?

नियासिनामाइड आसान वाला है। स्किन ऑफ़ कलर रिव्यू बताता है कि ये एसिड, एल्कली और रोशनी के साथ स्थिर रहता है। 2024 का रिव्यू 5% तक कोई इरिटेशन नहीं बताता। असली ग़लती है एक हफ़्ते में कई नए एक्टिव्स जोड़ना। एक बार में एक प्रोडक्ट जोड़िए, उसका पैच टेस्ट कीजिए, और उसे एक महीना दीजिए।

टैन के लिए नियासिनामाइड बेहतर है या विटामिन C?

धूप वाले टैन के लिए विटामिन C। भारतीय रिव्यू के मुताबिक़ ये मेलानिन बनाने वाले एंज़ाइम को धीमा करता है और धूप और प्रदूषण से होने वाले नुक़सान को साफ़ करता है। ब्राइटनिंग कलेक्शन में विटामिन C फ़ेस वॉश, सीरम और मॉइस्चराइज़र हैं। बाक़ी आधा काम सनस्क्रीन करता है।

विटामिन C या नियासिनामाइड: शुरुआत किससे करें?

शाम 4 बजे शीशे में देखिए। अगर चमक, पिंपल, खुले पोर्स और पिंपल के निशान दिखें, तो THERŌ के नियासिनामाइड सीरम से शुरू कीजिए। अगर धूप से आया टैन, बेजान स्किन और डार्क स्पॉट्स दिखें, तो THERŌ के विटामिन C सीरम से। इसमें नियासिनामाइड भी साथ आता है। फ़ेस वॉश के बाद तीन से पाँच बूँदें, ऊपर से मॉइस्चराइज़र, और हर सुबह सनस्क्रीन।

एक महीना दीजिए। फिर तय कीजिए कि दूसरी बोतल चाहिए या नहीं। ज़्यादातर पुरुषों को पहले महीने में इसकी ज़रूरत नहीं पड़ती। बेस्टसेलर्स पेज दिखाता है कि दूसरे पुरुषों ने पहले कौन सा सीरम चुना। काम आएगा, अगर आपको ऐसी सेकंड ओपिनियन चाहिए जो आपके कज़िन की न हो।

रेफ़रेंसेज़

  1. Telang PS. Vitamin C in dermatology. Indian Dermatology Online Journal, 2013
  2. Al-Niaimi F, Chiang NYZ. Topical Vitamin C and the Skin: Mechanisms of Action and Clinical Applications. Journal of Clinical and Aesthetic Dermatology, 2017
  3. Hakozaki T, et al. The effect of niacinamide on reducing cutaneous pigmentation and suppression of melanosome transfer. British Journal of Dermatology, 2002 (abstract)
  4. Rahrovan S, et al. Male versus female skin: What dermatologists and cosmeticians should know. International Journal of Women's Dermatology, 2018
  5. Draelos ZD, et al. The effect of 2% niacinamide on facial sebum production. Journal of Cosmetic and Laser Therapy, 2006 (abstract)
  6. Marques C, et al. Mechanistic Insights into the Multiple Functions of Niacinamide: Therapeutic Implications and Cosmeceutical Applications in Functional Skincare Products. Antioxidants, 2024
  7. Bains P, Kaur M, Kaur J, Sharma S. Nicotinamide: Mechanism of action and indications in dermatology. Indian Journal of Dermatology, Venereology and Leprology, 2018
  8. Boo YC. Mechanistic Basis and Clinical Evidence for the Applications of Nicotinamide (Niacinamide) to Control Skin Aging and Pigmentation. Antioxidants, 2021
  9. Shalita AR, et al. Topical nicotinamide compared with clindamycin gel in the treatment of inflammatory acne vulgaris. International Journal of Dermatology, 1995 (abstract)
  10. Khodaeiani E, et al. Topical 4% nicotinamide vs. 1% clindamycin in moderate inflammatory acne vulgaris. International Journal of Dermatology, 2013 (abstract)
  11. Bissett DL, et al. Niacinamide: A B vitamin that improves aging facial skin appearance. Dermatologic Surgery, 2005 (abstract)
  12. Correia G, Magina S. Efficacy of topical vitamin C in melasma and photoaging: A systematic review. Journal of Cosmetic Dermatology, 2023 (abstract)
  13. Espinal-Perez LE, et al. A double-blind randomized trial of 5% ascorbic acid vs. 4% hydroquinone in melasma. International Journal of Dermatology, 2004 (abstract)
  14. Davis EC, Callender VD. Postinflammatory Hyperpigmentation: A Review of the Epidemiology, Clinical Features, and Treatment Options in Skin of Color. Journal of Clinical and Aesthetic Dermatology, 2010
  15. Cleveland Clinic. In what order should you apply skin care products? 2025
  16. Cleveland Clinic. What vitamin C serum can do for your skin. 2022
  17. American Academy of Dermatology. How to test skin care products
  18. Harvard Health Publishing. Why is topical vitamin C important for skin health? 2021
  19. Saraswat A, et al. Topical corticosteroid abuse on the face: A prospective, multicenter study of dermatology outpatients. Indian Journal of Dermatology, Venereology and Leprology, 2011
  20. Agarwal SB, et al. A Cross-Sectional Clinical Study on Sunscreen Awareness and Usage. Indian Journal of Dermatology, 2018
  21. DermNet. Postinflammatory hyperpigmentation
  22. American Academy of Dermatology. How to fade dark spots in darker skin tones
  23. THERŌ Intense Bright Vitamin C Serum, product page
  24. THERŌ Active Oil Control Niacinamide Serum, product page
सभी लेख

अभी जो पढ़ा, उसी पर बना

अब इसे आज़माएँ

इस गाइड में जिस रेंज की बात है - भारतीय स्किन के लिए बनी, ऐसी कीमत पर जो रूटीन पर भारी न पड़े।

रेंज देखें